हिन्दी विकास मंच, सरथुआ, पटना व नालंदा में मनाई गई राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती*
*हिन्दी विकास मंच, सरथुआ, पटना व नालंदा में मनाई गई राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती* ---🌷🌷💞🌧️🌧️🌹🙏🌷🌷 /-🇮🇳🇮🇳🚩🚩 डॉ0 राजीव नयन यूथ एजेंडा के लिये -- *हिलसा / सरथुआ,दनियावां (पटना)।* हिन्दी विकास मंच, सरथुआ, पटना और उसकी उपशाखा हिलसा, नालंदा के बैनर तले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष साहित्यकार व प्राध्यापक *डॉ. राजीव नयन सिंह* ने की। उन्होंने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर बिहार की मिट्टी से निकले महान सपूत थे💐💐🌈🌈🌈🌧️🌧️🌧️🌧️🌺🌹🖋️📚। उनका जन्म 23 सितंबर 1908 को बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था और 24 अप्रैल 1974 को उनका निधन हुआ। डॉ. नयन ने कहा कि दिनकर जी केवल कवि नहीं, बल्कि युग के चारण थे। वे स्वतंत्रता से पहले विद्रोही कवि और स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रकवि के रूप में स्थापित हुए। उनकी लेखनी में ओज, विद्रोह, आक्रोश और कोमल श्रृंगार का अद्भुत संगम मिलता है। उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ - रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र, रेणुका, हुँकार, संस्कृति के चार अध्याय और उर्वशी हिंदी साहित...