हस्त नक्षत्र की बारिश बनी किसानों के लिए वरदान, घाघ की कहावत चरितार्थ*
** *हस्त नक्षत्र की बारिश बनी किसानों के लिए वरदान, घाघ की कहावत चरितार्थ* -- डॉ0 राजीव नयन की रिपोर्ट,youth एजेंडा के लिए। *- दनियावां/हिलसा (पटना/नालंदा)* प्रसिद्ध कृषि कवि घाघ की हूबहू उक्ति है - *"आदि न बरसे आद्रा, हस्त न बरसे निदान।* *कहै घाघ सुनु घाघिनी, भये किसान-पिसान।।"* और दूसरी उक्ति - *"हस्त बरस चित्रा मंडराय।* *घर बैठे किसान सुख पाय।।"* बुधवार दोपहर बाद हुई हस्त यानि हथिया नक्षत्र की बारिश ने घाघ की इसी वाणी को सच कर दिखाया। दनियावां-हिलसा प्रखंड क्षेत्र में झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बारिश से धान की फसल को जबरदस्त फायदा पहुंचा है। खेतों में नमी आ गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिन किसानों का हाइब्रिड धान पूरी तरह पक चुका है और कटने वाला है, उन्हें थोड़ा नुकसान हो सकता है, लेकिन बाकी सभी फसलों के लिए ये बारिश अमृत समान है। सबसे बड़ी बात - ये बारिश रबी फसलों की बुआई के लिए वरदान है। बुआई के लिए जिस आर्द्र मौसम की जरूरत थी, वो मिल गया है। पंचांग के अनुसार 10 तारीख की रात तक हस्त नक्षत्र रहेगा, 11 तारीख से चित्रा नक्षत्र और शारदीय ...