शहादत दिवस के अवसर पट शांति को लेकर शांति सद्भावना मार्च
शहादत दिवस के अवसर पट शांति को लेकर शांति सद्भावना मार्च
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आज प्रेम यूथ फाउंडेशन के तत्वावधान में विश्व शांति, अहिंसा और सद्भावना के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक भव्य “विश्व शांति सद्भावना मार्च” का आयोजन किया गया। यह मार्च पटना युवा आवास से प्रारंभ होकर गांधी संग्रहालय तक शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।मार्च में हजारों युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं गांधी विचारों में आस्था रखने वाले नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। हाथों में शांति, प्रेम, अहिंसा और मानवता के संदेश लेकर लिए प्रतिभागियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आज की अशांत और संघर्षग्रस्त दुनिया में गांधी के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।
फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष गांधीवादी श्री प्रेम जी ने
विचारों में अहिंसा, कर्म में सेवा को
इस अवसर पर प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं वरिष्ठ गांधीवादी विचारक प्रेम जी ने कहा कि महात्मा गांधी केवल इतिहास नहीं हैं, वे भविष्य की दिशा हैं। जब तक समाज में अन्याय, हिंसा और असमानता है, तब तक गांधी जीवित रहेंगे।”गांधीवादी श्री प्रेम जी ने गांधीजी के विचारों में अहिंसा, कर्म में सेवा को प्रेरणादायक बताया और कहा कि गांधी जी का संपूर्ण जीवन अहिंसा, सत्य, प्रेम और सामाजिक समरसता के मूल्यों पर आधारित रहा है। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि वे केवल नारे नहीं, बल्कि गांधी के विचारों को अपने जीवन के व्यवहार में उतारें। उनका व्यक्तित्व आज भी एक ऐसे गांधीवादी कर्मयोगी का उदाहरण है, जो बिना किसी लोभ या दिखावे के समाज सेवा को ही अपना धर्म मानता है।
वही एनजीओ हेल्पलाइन के निदेशक समाजशास्त्री सीए. संजय कुमार झा ने सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक के रूप में गांधी को बताया और कहा कि “गांधी का रास्ता केवल राजनीति का नहीं, बल्कि करुणा, जीव-दया और सर्वकल्याण का मार्ग है।”
और कहा कि गांधी जी सामाजिक न्याय, युवा सशक्तिकरण और मानवीय मूल्यों के लिए सक्रिय रहे , उनका व्यक्तित्व आधुनिक समय में गांधी के “अंत्योदय” सिद्धांत की जीवंत अभिव्यक्ति है , जहाँ अंतिम पंक्ति में खड़े प्राणी और मनुष्य, दोनों के कल्याण की चिंता समान रूप से की जाती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे हिंसा, नफरत और विभाजन के विरुद्ध खड़े होकर प्रेम, संवाद और सेवा को अपना हथियार बनाएं।गांधी संग्रहालय में श्रद्धांजलि एवं संकल्प लेते हुए, मार्च का समापन गांधी संग्रहालय में महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने जीवन, समाज और राष्ट्र में शांति, सद्भाव और अहिंसा के मूल्यों को स्थापित करने के लिए सतत प्रयास करेंगे।
प्रेम यूथ फाउंडेशन की अपील की ओर से आम नागरिकों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर मानवता को केंद्र में रखकर कार्य करें , यही सच्ची गांधीवादी श्रद्धांजलि होगी।
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