खुसरूपुर में फिर हादसा: छठ पूजा के दौरान गंगा में डूबने से किशोर की मौत, चार घंटे बाद भी नहीं मिला शव*
*खुसरूपुर में फिर हादसा: छठ पूजा के दौरान गंगा में डूबने से किशोर की मौत, चार घंटे बाद भी नहीं मिला शव*
एसडीआरएफ खबर लिखे जाने तक नही पहुची
यूथ एजेंडा से सुनील की रिपोर्ट
खुसरूपुर । आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान रविवार को खुसरूपुर में एक और दर्दनाक हादसा हुआ। गंगा में डूबने से एक किशोर की मौत हो गई। लगातार दूसरे दिन हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इससे पहले नहाय-खाए के दिन बैकटपुर गोविंदपुर घाट पर तीन युवकों की डूबकर मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, खुसरूपुर बाजार के चट्टीपर मोहल्ला निवासी बुट्टा चौधरी का नाती अजीत कुमार (पिता – रामबाबू चौधरी, निवासी – लखीपुर, बख्तियारपुर) अपने माता-पिता के साथ ननिहाल आया था। रविवार सुबह करीब 10 बजे वह अपने मामा के साथ खरना प्रसाद के लिए गंगाजल लेने आदिलपुर घाट गया था। जल लेने के बाद लौटते समय पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह और सीओ उत्तम राहुल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया गया, लेकिन चार घंटे बाद भी शव बरामद नहीं हो सका। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा है।
लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि खतरनाक घाटों पर बेरिकेडिंग, गोताखोरों की स्थायी तैनाती और पुलिस गश्त की व्यवस्था नहाय खाय के दिन से ही कर दिया जाता तो हादसे से बचा जा सकता था।
दोनों घटनाओं में SDRF टीम की अनुपस्थिति पर भी लोगो की नाराजगी है ।इसका गठन ऐसे ही आपदा के मौकों के लिए किया गया है, लेकिन कल बैंकटपुर गोविंदपुर की घटना हो या आज की घटना खबर लिखे जाने तक SDRF की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी।
लगातार हो रही डूबने की घटनाओं ने प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। श्रद्धा और आस्था के इस महापर्व में अब लोगों के बीच भय और शोक का वातावरण व्याप्त है।

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