प्रिय बिहार वासियों आप देख रहे प्रेस युथ एजेंडा से रघुवीर कश्यप की खबर

 प्रिय बिहार वासियों आप देख रहे प्रेस युथ एजेंडा से रघुवीर कश्यप की खबर 



बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं बड़े पैमान पर निवेश की जरूरत - डा०प्रधुम्न कुमार सिन्हा आज बिहार के लोग हीं नहीं देश के लोग भी इस राज्य का विकास चाहते है। इस महत्त्वपूर्ण राज्य को विकाएं की की दौड़ में आगे लाना जरूरी हो गया है। शहद (सृजन अभियान प्रधुन कुमार सिन्हा ने बिहार के विकास को लेकर 1०५ मुख धोजी पर हयान देने परजोर दिया है। सेवा और उद्योग - बिहार




खेती-किसानी


कृषि को केवल जीवन निर्वाह का साधन न बनाकर इसे बहुआयामी उद्यम बनाना चाहिए।


असल में, चौथा कृषि रोडमैप सिंचाई विस्तार, मृदा स्वास्थ्य, दलहन, तिलहन और बाजरा को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। यहां यह ध्यान देने की बात है कि बिहार में कृषि उत्पादन का एक-तिहाई डेयरी, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन से मिल जाता है। इसी प्रकार से मक्का, मखाना और लीची की खेती जैसे क्षेत्र भी राज्य में कृषि-रोजगार पैदा करते हैं।


श्रमबल और रोजगार


बिहार की ताकत उसका मानवीय श्रमबल है। बजट का पांचवां हिस्सा शिक्षा के लिए आवंटित है, पर कक्षा तीन के 39.4 प्रतिशत बच्चे ही कक्षा दो की पुस्तकें पढ़ सकते हैं। शिक्षा सुधार जरूरी है। हर जिले में पांच लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर कौशल विकास मिशन, विनिर्माण, रसद, आतिथ्य व सेवा क्षेत्र में उद्यम लगाए जा सकते हैं। हर जिले में एक रोजगार व कौशल परिषद स्थापित कर जिले की मांग और बेरोजगारी को हल किया जा सकता है।


भूमि-आबादी संतुलन


बिहार में भूमि और आबादी के बीच का अनुपात असंतुलित है। यहां शहरों को नवोन्मेषी बनाना चाहिए। बीते वर्षों में कुछ सुधार हुए हैं, पर कस्बों में विकास असमान है। पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के लिए अलग योजनाएं बननी चाहिए।


प्रमुख शहरी कार्यक्रमों को लागू करने के लिए विश्व बैंक के समर्थन से गठित 'बिहार शहरी ढांचा विकास कॉरपोरेशन लिमिटेड' के माध्यम से शहरीकरण और बिहार शहरी मिशन को उन्नत किया जाना चाहिए।


पंचायती राज सुधार


त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। पंचायत और


नगरपालिकाओं के अधिकार सीमित हैं। उन्हें सशक्त बनाने के लिए कार्य, धन और पदाधिकारी की जरूरत है। यहां संपत्ति कर संग्रह अभी भी काफी कम है। त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था को विभिन्न स्रोतों से वित्तपोषण दिया जाना चाहिए। जरूरी है कि कम से कम आधा दर्जन नगरपालिकाओं को ऐसा बनाया जाए कि वो बाजार से उधार लेने योग्य बन जाएं।


संस्थागत सुधार


संस्थागत सुधार को जारी रखना चाहिए। बिहार में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। इस दिशा में युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है। ध्यान रहे कि आर्थिक सुधारों या नीतिगत उदारता के कारण भारत के अन्य हिस्सों या राज्यों में निजी निवेश को बहुत बढ़ावा मिला है। ऐसे राज्य तेज तरक्की कर रहे हैं, ऐसे राज्यों से बिहार राज्य को भी काफी कुछ सीखना चाहिए।


महिला विकास


बिहार में बड़ी संख्या में महिलाओं को मतदान के लिए बाहर निकलते देखा गया है। यह उनकी सुरक्षा व सुनिश्चित आजीविका के प्रति विश्वास का प्रतीक है। ये महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतीश कुमार के भरोसे में अपार संभावनाएं देखती हैं। इसे बिहार के संदर्भ में 'नीमो' कहा जाता है। विधानसभा चुनाव में जनता ने अपनी बात कह दी है। ध्यान रहे, ईश्वर उनकी मदद करता है, जो अपनी मदद खुद करते हैं। यह समय बिहार का है


योजना राशि व्यय


बिहार में पूंजीगत व्यय आवंटन में वृद्धि हुई है, फिर भी कई विभाग अप्रयुक्त धनराशि वापस कर देते हैं। यह योजना, खरीद और कार्यान्वयन में खामियों को दर्शाता है। इसे रोकना और खर्च की क्षमता को बढ़ाना होगा। इन योजनाओं की निगरानी के लिए एक समिति नियुक्त की जानी चाहिए, जो प्रगति पर नजर रखे। बिहार के 2025-26 के बजट अनुमानों में स्वयं के कर-राजस्व को राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 5.4 प्रतिशत रखा गया है।


पर्यटन क्षेत्रविकास


बिहार की समृद्ध विरासत का राज्य के विकास में अभी भी बहुत कम उपयोग हो रहा है।


यहां पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र तेजी से रोजगार पैदा कर सकते हैं। पर्यटन. भूमि बैंकों और सुव्यवस्थित आवंटन के माध्यम से पहले की तुलना में होटलों के लिए भूमि की उपलब्धता में अब काफी सुधार हुआ है। पटना और बोधगया के स्थानीय प्रशासन और सरकारों को कम से कम 50 सुव्यवस्थित होटल स्थापित करने की दिशा में काम करना चाहिए।


बुनियादी ढांचा


बिहार के बुनियादी ढांचे में सुधार के बावजूद गुणवत्ता और विश्वसनीयता है। इस राज्य में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत पूरे देश से कम है। जीएसडीपी या राज्य सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत व्यय के अलावा बिजली, रसद, सड़क और डिजिटल नेटवर्क में निरंतर निवेश और विकास होना चाहिए। पूर्वी माल ढुलाई गलियारा, नए हवाई अड्डे और विस्तारित जलमार्ग के माध्यम से राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला के साथ यह राज्य जुड़ सकता है।

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