स्मार्ट पुलिसिंग समय की मांग : डीजीपी
स्मार्ट पुलिसिंग समय की मांग : डीजीपी
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना - बिहार पुलिस के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने स्मार्ट पुलिसिंग” विषय पर पंडित संजय कुमार झा के लिखित पुस्तक का लोकार्पण पटेल भवन पटना में किया गया । इस पुस्तक के वीडियो प्रमोशन के अवसर पर बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि “वर्तमान डिजिटल युग में पुलिस व्यवस्था को अधिक तकनीक-सक्षम, संवेदनशील, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने की आवश्यकता है। ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ केवल तकनीक नहीं, बल्कि सोच, प्रशिक्षण और जवाबदेही की नई संस्कृति है। ऐसी वैचारिक पहलें पुलिस सुधार की दिशा में अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती सामाजिक चुनौतियों, साइबर अपराध, संगठित अपराध एवं आपदा प्रबंधन के परिप्रेक्ष्य में स्मार्ट पुलिसिंग अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। पुस्तक के लेखक सीए संजय कुमार झा ने कहा कि यह पुस्तक पुलिस को आलोचना की दृष्टि से नहीं, बल्कि सहयोग, समाधान और संरचनात्मक सुधार के दृष्टिकोण से लिखी गई है। मेरा प्रयास है कि नीति, प्रशिक्षण, तकनीक और समाज के बीच एक सेतु स्थापित हो। इस पुस्तक का महत्व बताते हुए लेखक संजय कुमार झा जी ने कहा कि यह वीडियो प्रमोशन कार्यक्रम पुलिस सुधार, सुशासन और जन-सुरक्षा के विषय में एक सार्थक वैचारिक संवाद के रूप में देखा जा रहा है। नीति-निर्माताओं, पुलिस अधिकारियों, शोधकर्ताओं एवं युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है। इस अवसर पर प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं गांधीवादी विचारक प्रेम जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रेम जी ने कहा कि “गांधीजी की सोच में पुलिस का अर्थ ‘डर’ नहीं बल्कि ‘विश्वास’ है। स्मार्ट पुलिसिंग तभी सफल होगी जब उसमें नैतिकता, मानवता और संवैधानिक मूल्यों का समावेश होगा। यह पुस्तक पुलिस को पब्लिक फ्रेंडली बनाने में महत्वपूर्ण सावित होगी । मौके पर अविनाश पांडेय , इंटर्न तारा कुमारी,आरती मिश्रा, सपना कुमारी मौजूद रहे ।
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