पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय एवं गांधी फेलोशिप के बीच हुआ एमओयू

 पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय एवं गांधी फेलोशिप के बीच हुआ एमओयू 


यूथ एजेंडा की रिपोर्ट

पटना - छात्रों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण लर्निंग तथा करियर के नए अवसरों के विस्तार की दिशा में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। विश्वविद्यालय की नवगठित प्लेसमेंट टीम के सतत प्रयासों से पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय और देश की प्रतिष्ठित गांधी फेलोशिप के बीच एक सफल समझौता ज्ञापन एमओयू  संपन्न हुआ है।

इस एमओयू के पश्चात पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं के लिए गांधी फेलोशिप में चयन की प्रक्रिया और अवसर पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ एवं सशक्त हो जाएंगे।

गौरतलब है कि गांधी फेलोशिप की शुरुआत वर्ष 2007–2008 में अपने पहले बैच के साथ हुई थी। निरंतर 18 वर्षों की सफल यात्रा के बाद अब इस वर्ष फेलोशिप के 19वें बैच के लिए चयन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। वर्तमान में गांधी फेलोशिप देश के 18 से अधिक राज्यों के 125 से अधिक जिलों में फैलोज़ के साथ शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, जिससे यह फेलोशिप युवाओं के बीच अत्यंत विश्वसनीय और प्रभावशाली बन चुकी है।

यह फेलोशिप एक दो वर्षीय रेजिडेंशियल प्रोग्राम है, जिसमें चयनित फेलोज़ को ₹24,500 प्रति माह का मानदेय प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही “Learning by Doing” की अवधारणा पर आधारित सतत प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास तथा वास्तविक सामाजिक चुनौतियों के समाधान का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

देश की सबसे चर्चित और प्रतिस्पर्धात्मक फेलोशिप्स में शामिल गांधी फेलोशिप के लिए हर वर्ष देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से स्नातक कर चुके लाखों युवा आवेदन करते हैं। ऐसे में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए यह एमओयू न केवल एक अवसर, बल्कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

इस एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत, गांधी फेलोशिप की टीम नए वर्ष से पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों के परिसरों में प्लेसमेंट टॉक्स एवं ओरिएंटेशन सत्रों का आयोजन करेगी, जिससे छात्रों को चयन प्रक्रिया, कार्यक्षेत्र और भविष्य की संभावनाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

इस एमओयू के सफल क्रियान्वयन में विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट को ऑर्डिनेटर डॉ. मोहम्मद अली एवं डॉ. अयान मुखर्जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं संपूर्ण प्रक्रिया में मार्गदर्शक की भूमिका में विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. राजीव रंजन तथा कुलसचिव डॉ. अबू बकर रिज़वी का निरंतर सहयोग एवं नेतृत्व प्राप्त हुआ, जो माननीय कुलपति महोदय की दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतारने हेतु सतत प्रयासरत हैं।


निस्संदेह यह एमओयू पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के छात्रों के भविष्य को नई दिशा देने वाला, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने वाला एक सशक्त कदम सिद्ध होगा।

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