उद्दघाटन के 14 माह बीत जाने के बाद भी हॉस्पिटल का ताला नहीं खुला
उद्दघाटन के 14 माह बीत जाने के बाद भी हॉस्पिटल का ताला नहीं खुला
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डॉक्टर नहीं,करोड़ों की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत दयनीय
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यूथ एजेंडा के लिए डॉ0 राजीव कुमार नयन की रिपोर्ट
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दनियावां (पटना).प्रखंड के तोप-सरथुआ रेलवे स्टेशन से उत्तर करोड़ों की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,तोप इन दिनों दयनीय स्थिति में है।यह भवन अपने निर्माताओं पर आँसू बहा रहा है।प्रगति यात्रा के दौरान 21 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों उद्घाटित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,तोप आज भी वीरान पड़ा है। उद्घाटन के 14 महीने बाद भी यहां एक भी डॉक्टर-नर्स की तैनाती नहीं हुई। नतीजा: वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की समय पर इलाज नहीं मिलने से काफी दिक्कत हो रही है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने अब वर्तमान सीएम श्री सम्राट चौधरी को पत्र भेजकर स्वास्थ्य सेवा तुरंत शुरू कराने की मांग की है।
*14 महीने से लटका है ताला*
स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से किया था। दावा था कि दनियावां के लोगों को इलाज के लिए पटना नहीं दौड़ना पड़ेगा। लेकिन हकीकत यह है कि भवन पर ताला लटका है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड व जिला स्तर के अधिकारियों की शिथिलता के कारण चिकित्सक की पदस्थापना नहीं हुई।
*इमरजेंसी में 30 किमी दूर पटना ही सहारा*
सिंगरियावां और खरभैया पंचायत के लोगों ने सीएम और वरीय अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से मरीजों को इमरजेंसी में 25-30 किमी दूर पटना ले जाना पड़ता है। कई बार रास्ते में ही मरीज दम तोड़ देते हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी है।
ग्रामीण जीतन कुमार,रंजीत कुमार,दिलेन्द्र कुमार,संजय कुमार,राजकमल और सान्याल दिवाकर ने बताया कि
> _“उद्घाटन के दिन लगा था अब सुविधा मिलेगी, पर 14 महीने से बिल्डिंग वीरान है। डॉक्टर-बेड कुछ नहीं। गरीब कहां जाए?”_
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*प्रशासन मौन, जनता में रोष*
पत्र में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से ‘स्थिति की गंभीरता को देखते हुए साल भर से बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत स्वास्थ्य सेवा बहाल करने’ की गुहार लगाई है।
इस संबंध में सिविल सर्जन, पटना से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।पिछले बरसात सावन-भादो में उफनती लोकाईंन और भुतही नदी की बाढ़ से इस नवनिर्मित अस्पताल में 5 से 6 फ़ीट पानी भर गया था।लवालव जलप्रवाह में हॉस्पिटल के कई कीमती स्वास्थ्य उपकरण बाढ़ के गंदे पानी के जलजमाव से जंग लग गए।सरथुआ के सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार,अखिलेश कुमार, रामदयाल पासवान,धीरज पांडेय ने कहा कि कई गाँव खासकर तोप-सरथुआ गांव के लोगों के सामूहिक प्रयास से निर्मित इस स्वास्थ्य केंद्र की वर्तमान दशा काफी रुग्ण और दयनीय है।इनलोगों ने ये भी कहा कि लोगों के लिए लाइफलाइन बनने वाला ये CHC समस्या का जल्दी निराकरण नहीं हुआ तो इसके राजनीतिक मायने निकाले जाएंगे। फिलहाल,यह हेल्थ सेन्टर सफेद हाथी साबित हो रहा है।

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