टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में “एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप” पर पूर्व-नियोजन संवाद कार्यक्रम का आयोजन
टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में “एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप” पर पूर्व-नियोजन संवाद कार्यक्रम का आयोजन
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना। टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप के सहयोग से एक पूर्व-नियोजन संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को करियर, इंटर्नशिप, सामाजिक नेतृत्व तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े अवसरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के संरक्षक महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. तपन कुमार शांडिल्य रहे। उन्होंने अपने उद्घाटन संबोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव, सामाजिक भागीदारी और कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। ऐसे फेलोशिप कार्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें समाज के लिए कार्य करने की दृष्टि भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप समन्वयक डॉ. मोहम्मद अली उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय तथा एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप के बीच सफलतापूर्वक समझौता ज्ञापन संपन्न हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत अब एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप का अवसर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अनेक महाविद्यालयों को मिलने वाला है, जिससे विश्वविद्यालय स्तर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। यह पहल विद्यार्थियों के लिए सामाजिक नेतृत्व, क्षेत्रीय अनुभव तथा करियर निर्माण के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
कार्यक्रम के संयोजक तथा टी.पी.एस. कॉलेज के नई शिक्षा नीति समन्वयक डॉ. हंस कुमार सिंह ने कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, फील्ड वर्क तथा कौशल आधारित अवसरों को बढ़ावा देना आवश्यक है और यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सार्थक कदम है।
एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फेलोशिप की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि जैद अंसार ने फेलोशिप की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फेलोशिप युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, कृषि विकास, डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर देती है। साथ ही उन्होंने आवेदन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया, मासिक सहयोग राशि एवं फेलोशिप के लाभों पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर टी.पी.एस. कॉलेज के दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, भौतिकी तथा पर्यावरण विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनोविज्ञान विभाग की प्रो. (डॉ.) रूपम की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की।
महाविद्यालय के सभी विभागों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने फेलोशिप से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
कार्यक्रम का समापन अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. नवेंदु द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के करियर उन्मुख, कौशल विकास तथा फेलोशिप जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


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