स्वस्थ समाज रचना—दशा एवं दिशा विषय पर व्यापक चर्चा / सहभागिता*

 *झारखंड राज्य आचार्य कुल का द्विदिवसीय प्रथम महाधिवेशन*              

  

 *स्वस्थ समाज रचना—दशा एवं दिशा विषय पर व्यापक चर्चा /  सहभागिता*



यूथ एजेंडा

रिपोर्ट अनमोल कुमार


झारखंड राज्य आचार्य कुल द्वारा आयोजित द्विदिवसीय प्रथम महाधिवेशन में स्वस्थ समाज रचना: दशा एवं दिशा विषय पर रांची के सभी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं प्रशिक्षु शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। इस महाधिवेशन का उद्देश्य शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से एक सशक्त एवं समरस समाज की दिशा तय करना है।

आज दिनांक 24 अप्रैल 2026 को आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के उपाध्यक्ष आचार्य डॉ. वासुदेव प्रसाद ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों का दौरा कर अधिवेशन हेतु आमंत्रण प्रदान किया एवं सम्मानित किया। इस क्रम में राम टहल चौधरी बी.एड. महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ऋचा पदमा, डॉ. ममता, मनरखन बी.एड. कॉलेज के निदेशक मनरखन महतो एवं प्राचार्य डॉ. दूधेश्वर महतो, उदय मेमोरियल बी.एड. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी. के. पंकज सहित डॉ. मिताली एवं डॉ. पल्लवी, तथा भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रांची के सहायक कुलसचिव डॉ. चंपाई को औपचारिक आमंत्रण दिया गया।

इसी क्रम में उदय मेमोरियल बी.एड. कॉलेज के सभागार में स्वस्थ समाज रचना विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें महाधिवेशन की रूपरेखा, उद्देश्य एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. सुबोध कुमार एवं डॉ. ओम प्रकाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आचार्य कुल की स्थापना महान विचारक एवं समाज सुधारक विनोबा भावे द्वारा की गई थी, जिसका मूल उद्देश्य नैतिक मूल्यों, शिक्षा और ग्राम आधारित स्वावलंबी समाज की स्थापना करना है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह महाधिवेशन समाज के सभी वर्गों—शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं जागरूक नागरिकों—की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।

आचार्य कुल झारखंड प्रदेश के महामंत्री एवं राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके, रांची के शिक्षक डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि संस्था का ध्येय वाक्य “जय जगत है, जिसका संदेश वैश्विक सद्भाव और मानव एकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि संस्था का मंत्र विश्व शांति तथा लक्ष्य ग्राम स्वराज्य है, जिसके माध्यम से आत्मनिर्भर एवं नैतिक समाज की स्थापना का संकल्प लिया गया है।

महाधिवेशन में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन, नैतिक मूल्यों का पुनर्स्थापन, युवा शक्ति का सकारात्मक उपयोग तथा ग्राम स्वराज्य की अवधारणा पर गहन चिंतन-मनन किया जाएगा। आयोजकों ने सभी वर्गों के नागरिकों से अपील की है कि वे इस महाधिवेशन में भाग लेकर एक स्वस्थ, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। इस आशय की जानकारी आचार्यकुल के बिहार के मीडिया प्रभारी, अनमोल कुमार ने दिया।

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