टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में “बौद्धिक संपदा अधिकार एवं नवाचार” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित
टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में “बौद्धिक संपदा अधिकार एवं नवाचार” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
T.P.S. College Patna के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा आज कौटिल्य सभागार में “बौद्धिक संपदा अधिकार एवं नवाचार : एक अवलोकन” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा बौद्धिक संपदा अधिकार, नवाचार एवं शोध संस्कृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बौद्धिक संपदा अधिकार की जानकारी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नवाचार एवं सृजनात्मक कार्यों की सुरक्षा से ही ज्ञान आधारित समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं IQAC समन्वयक प्रो. (डॉ.) रूपम ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान एवं सृजनात्मक सोच को विकसित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार की समझ युवाओं को आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाती है।
मुख्य वक्ता सुश्री सुगंधा सिन्हा, विधि संकाय, Chanakya National Law University ने अपने व्याख्यान में कॉपीराइट, पेटेंट, ट्रेडमार्क एवं डिज़ाइन अधिकार जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को अपने शोध एवं नवाचार की कानूनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. शशि भूषण चौधरी ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार न केवल शोध एवं नवाचार को संरक्षण प्रदान करता है, बल्कि यह विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं अनुसंधान की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।
प्रो. शाइस्ता नूरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के वैश्विक युग में रचनात्मकता एवं नवाचार को उचित पहचान दिलाने में बौद्धिक संपदा अधिकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों एवं अनुसंधान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. दीपिका शर्मा ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया।
कार्यक्रम के मीडिया समन्वयक डॉ. मुकुंद कुमार ने बताया कि कॉलेज में विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के लिए समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
इस अवसर पर प्रो. अंजलि प्रसाद, प्रो. नवेंदु शेखर, प्रो. विजय कुमार सिन्हा, प्रो. शाइस्ता नूरी, डॉ. शशि भूषण चौधरी, डॉ. ज्योत्सना कुमारी, डॉ. उषा किरण, डॉ. विनय भूषण कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. शशि प्रभा दुबे, डॉ. देवारती घोष, डॉ. नूतन, डॉ. ओंकार पासवान, डॉ. सानंदा सिन्हा, डॉ. दीपिका शर्मा, डॉ. शशि शेखर सिंह, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. हंस कुमार सिंह, डॉ. चंद्रशेखर ठाकुर, डॉ. तरन्नुम, डॉ. इफत नसरीन सहित अनेक शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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