पीएम विश्वकर्मा विपणन एवं उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यशाला संपन्न*
*पीएम विश्वकर्मा विपणन एवं उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यशाला संपन्न*
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
बक्सर। दुमरांव प्रखंड कार्यालय, बक्सर में एक दिवसीय “पीएम विश्वकर्मा विपणन एवं उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यशाला” का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को उद्यमिता, विपणन कौशल एवं स्वरोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संदीप कुमार पांडेय, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), दुमरांव थे। उन्होंने अपने संबोधन में पीएम विश्वकर्मा योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने लाभार्थियों को स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्वरोजगार अपनाने, समूह आधारित उद्यम स्थापित करने तथा सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
डॉ. रोचक राठौर, सहायक निदेशक ग्रेड-I, एमएसएमई-डीएफओ, पटना ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अपने विस्तृत संबोधन में उन्होंने पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को दिल्ली हाट, आईएनए एवं 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में अपने उत्पादों के प्रदर्शन, ब्रांडिंग एवं विपणन के अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता सुधार के महत्व से अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं—जैसे वित्तीय सहायता, कौशल उन्नयन, तकनीकी सहयोग एवं विपणन सहायता—के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए लाभार्थियों को इनका अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जीविका के प्रतिनिधि श्री नितिन कुमार रॉय एवं श्री दयानंद पासवान, जिला उद्योग केंद्र (DIC) से श्री विद्या भूषण पाठक, कार्यक्रम समन्वयक श्री अंकेश कुमार, तथा एमएसएमई-डीएफओ, पटना से श्री हर्ष राज, यंग प्रोफेशनल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को विपणन रणनीतियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, वित्तीय सहायता योजनाओं एवं व्यवसाय स्थापना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न एवं अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान लक्ष्मी कुमारी, अंजली कुमारी एवं अन्य प्रतिभागियों ने प्रश्न-उत्तर सत्र के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे कार्यक्रम और अधिक संवादात्मक एवं उपयोगी बन गया।
अंत में डॉ. रोचक राठौर, सहायक निदेशक ग्रेड-I, एमएसएमई-डीएफओ, पटना द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।


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