मशरूम उद्यमिता प्रशिक्षण एवं स्वयंसेवा कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य कल्याण गतिविधियाँ आयोजित

 


मशरूम उद्यमिता प्रशिक्षण एवं स्वयंसेवा कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य कल्याण गतिविधियाँ आयोजित


यूथ एजेंडा की रिपोर्ट

पटना, 12 जून 2026।


टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में शुक्रवार को विद्यार्थियों के कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन तथा समग्र व्यक्तित्व निर्माण को केंद्र में रखते हुए दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। एक ओर जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मशरूम उत्पादन, मूल्य संवर्धन एवं उद्यमिता विकास विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर लोक भवन एवं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए संचालित 30 घंटे के अनिवार्य स्वयंसेवा (Volunteership) कार्यक्रम के अंतर्गत जिम, योग, खेल एवं स्वास्थ्य कल्याण गतिविधियों का चौथा दिन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।


मशरूम उत्पादन एवं उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने की, जबकि इसका आयोजन वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भूषण कुमार के नेतृत्व में किया गया।


अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि मशरूम उत्पादन वर्तमान समय में स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। यह Microeconomy तथा Circular Economy की अवधारणाओं को व्यवहारिक रूप प्रदान करता है, जिसमें कृषि एवं जैविक अपशिष्टों का पुनः उपयोग कर कम लागत में उत्पादन किया जाता है। उन्होंने कहा कि मात्र एक हजार से पांच हजार रुपये के निवेश से मशरूम आधारित उद्यम प्रारंभ किया जा सकता है, जो युवाओं और महिलाओं के लिए एक Cost-effective Business Model सिद्ध हो सकता है।


उन्होंने मशरूम के मूल्य संवर्धित उत्पादों जैसे मशरूम पनीर, मशरूम बिस्कुट, मशरूम अचार तथा मशरूम चिली की बढ़ती मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को इनके निर्माण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की तकनीकों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर विकसित होंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।


कार्यक्रम के आयोजक एवं वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भूषण कुमार ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, मूल्य संवर्धन तथा बाजार की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को मशरूम आधारित उत्पादों की तैयारी एवं व्यवसायिक संभावनाओं से अवगत कराया।


इसी क्रम में स्वयंसेवा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जिम, योग, खेल एवं स्वास्थ्य कल्याण गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य, खेल प्रभारी डॉ. प्रशांत कुमार एवं एनईपी समन्वयक डॉ. हंस कुमार सिंह ने जिम में पहुँचकर छात्र-छात्राओं के साथ व्यायाम एवं फिटनेस गतिविधियों में सहभागिता की तथा उनका उत्साहवर्धन किया।


विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो.  तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही एक सफल, जागरूक और सशक्त व्यक्तित्व की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित व्यायाम, अनुशासित दिनचर्या तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।


खेल प्रभारी डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि खेल एवं शारीरिक गतिविधियाँ केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से टीम भावना, आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है।


एनईपी समन्वयक डॉ. हंस कुमार सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत स्वयंसेवा कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा जीवन-कौशल को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।


कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। महाविद्यालय द्वारा आयोजित ये गतिविधियाँ विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यावसायिक, शारीरिक तथा सामाजिक विकास की दिशा में सार्थक पहल सिद्ध हो रही हैं।


मीडिया प्रभारी डॉ. मुकुंद कुमार ने उक्त जानकारी प्रदान की।

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