भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़,पुलिस वालों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज*
*भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़,पुलिस वालों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज*
रंजन कुमार, क्राइम रिपोर्टर
यूथ एजेंडा
भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी की एनकाउंटर में मौत होने के 5 दिन बाद पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। मृतक के परिजन द्वारा दिए गए आवेदन पर शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें जगदीशपुर के एसडीपीओ राजेश शर्मा, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को नामजद और उनके साथ मुठभेड़ के दौरान मौजूद रहे अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।इस कथित मुठभेड़ को लेकर लगातार परिजन, स्थानीय लोग और राजनेताओं के द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। सियासी हंगामा बढ़ने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से मामले की जांच कराने का आदेश पहले ही दे चुके हैं।
भोजपुर जिले के शाहपुर थाने में भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन पर सोमवार को एक नई एफआईआर दर्ज की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि 17 जून को सुबह डीएसपी एवं थानेदार के नेतृत्व में पुलिस टीम उनके घर आई थी। पुलिस उनके बेटे भरत को लेकर जवइनिया बाढ़ विस्थापितों के लिए आवंटित जमीन की ओर ले गई। यहां लोगों की समस्या को भरत तिवारी फेसबुक लाइव के जरिए उठा रहा था।
मां ने कहा कि वहां पहुंचने पर भरत तिवारी ने पुलिस के सामने अपना हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का देकर गड्ढे में गिरा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद डीएसपी ने गोली चलाने का आदेश दिया। फिर पुलिसकर्मियों ने भरत को 5 गोलियां मारकर घायल कर दिया और गाड़ी में लादकर चले गए। शाम में पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि भरत तिवारी की मौत हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भरत के पिता काशीनाथ तिवारी को भी शाहपुर पुलिस ने 2 दिन थाने में बंद रखा था। फिलहाल, शाहपुर थाना पुलिस ने भरत तिवारी की मां के आवेदन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस दौरान मौजूद रहे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का आरोप लगा है। इस केस की जांच इंस्पेक्टर संजीव कुमार को सौंपी गई है।

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