स्वयंसेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का टी.पी.एस. कॉलेज में शुभारंभ
स्वयंसेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का टी.पी.एस. कॉलेज में शुभारंभ
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना, 10 जून 2026।
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित 30 घंटे की अनिवार्य स्वयंसेवा (Volunteership) कार्यक्रम के अंतर्गत टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में बुधवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम जिम, योग, खेल एवं स्वास्थ्य कल्याण (Sports and Health Wellness) विषय के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन तथा सेवा भावना के विकास पर भी विशेष बल देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयंसेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं महाविद्यालय के एनईपी समन्वयक डॉ. हंस कुमार सिंह (भौतिकी विभाग) ने स्वयंसेवा कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को समाज, स्वास्थ्य और सामुदायिक जीवन से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि खेल, योग एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सकेंगे तथा सामाजिक चेतना एवं उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ कर पाएंगे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. विनय भूषण कुमार एवं डॉ. मुकुंद कुमार उपस्थित रहे। महाविद्यालय कार्यालय की ओर से मनोज कुमार सिंह, कुमार अमिताभ एवं दीपक कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को स्वयंसेवा के महत्व, उसके व्यावहारिक पक्ष तथा समाज निर्माण में उसकी भूमिका के संबंध में प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्वयंसेवा गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उन्हें एक जागरूक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें