हीमोफिलिया मरीजों की जीवनरक्षक दवा फैक्टर-VIII की आपूर्ति तत्काल बहाल करे सरकार
हीमोफिलिया मरीजों की जीवनरक्षक दवा फैक्टर-VIII की आपूर्ति तत्काल बहाल करे सरकार
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना -बिहार में हीमोफिलिया रोगियों के लिए जीवनरक्षक दवा फैक्टर-VIII की आपूर्ति कई महीनों से बाधित रहने के कारण आज न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल, पटना के समक्ष प्रेम यूथ फाउंडेशन के तत्वावधान में एक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हीमोफिलिया मरीजों, उनके परिजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
धरना को संबोधित करते हुए प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी ने कहा कि हीमोफिलिया कोई सामान्य बीमारी नहीं, बल्कि एक गंभीर आनुवंशिक रक्तस्राव संबंधी रोग है। इस बीमारी में मरीजों के शरीर में रक्त को जमाने वाले आवश्यक क्लॉटिंग फैक्टर की कमी होती है, जिसके कारण मामूली चोट भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्षों से सरकार द्वारा जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से हीमोफिलिया मरीजों को निःशुल्क फैक्टर-VIII उपलब्ध कराया जाता रहा है। किंतु विगत कई दिनों से इस जीवनरक्षक दवा की आपूर्ति बाधित होने के कारण हजारों मरीज गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
श्री प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार यदि शीघ्र प्रभाव से फैक्टर-VIII की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं करती है, तो प्रेम यूथ फाउंडेशन मरीजों एवं उनके परिवारों के साथ मिलकर राज्यव्यापी जनआंदोलन प्रारंभ करेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा किसी सरकार की दया नहीं बल्कि नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। सरकार को इस विषय पर तत्काल संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित हेल्पलाइन फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक एवं सामाजिक चिंतक सीए. संजय कुमार झा ने कहा कि हीमोफिलिया मरीजों की पीड़ा अत्यंत गंभीर है। जिन मरीजों को नियमित अंतराल पर फैक्टर-VIII इंजेक्शन की आवश्यकता होती है, उनके लिए दवा की अनुपलब्धता सीधे जीवन के अधिकार पर संकट उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य का प्रश्न नहीं, बल्कि मानवाधिकार का विषय है। उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध दवा अत्यंत महंगी है और अधिकांश परिवार उसे खरीदने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सरकारी आपूर्ति बंद होना हजारों परिवारों को निराशा और असुरक्षा की स्थिति में धकेल रहा है।
धरना में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार को अविलंब कदम उठाने चाहिए और सभी मेडिकल कॉलेजों एवं जिला अस्पतालों में फैक्टर-VIII की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ! उन्होंने कहा कि हीमोफिलिया मरीजों के लिए राज्य स्तरीय विशेष चिकित्सा प्रकोष्ठ का गठन किया जाए , नियमित दवा आपूर्ति हेतु स्थायी खरीद एवं वितरण प्रणाली विकसित की जाए , मरीजों की आपातकालीन चिकित्सा हेतु विशेष कोष का गठन किया जाए , प्रत्येक जिले में हीमोफिलिया मरीजों का अद्यतन पंजीकरण कराया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि बिहार में हजारों हीमोफिलिया मरीज जीवनरक्षक दवा के अभाव में भय और अनिश्चितता के वातावरण में जी रहे हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में अनेक परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में बिहार सरकार से मांग की कि मानवीय आधार पर इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल दवा उपलब्ध कराई जाए तथा मरीजों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मौके पर अभिषेक मिश्रा, उमेश कुमार सिंह , सुलेखा कुमारी, रणविजय सिंह, नीलम बिहार शरीफ, पूजा केसरी गोलारोड, हर्ष कुमार दानापुर, अभिजीत लक्खीसराय,राजा कुमार हरनौत समेत सैंकड़ो रोगियों और उनके परिजन मौजूद रहे ।

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