हिलसा के छात्र जदयू नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की मुलाकात*

 *हिलसा के छात्र जदयू नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की मुलाकात*


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*जर्जर हॉस्टल के पुनर्निर्माण, पीजी की पढ़ाई और छात्रसंघ चुनाव की उठाई मांग*

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यूथ एजेंडा के लिए डॉ0 राजीव नयन की रिपोर्ट

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*हिलसा (नालंदा)। हिलसा के छात्र जदयू नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पटना स्थित आवास पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से* मुलाकात कर हिलसा अनुमंडल में उच्च शिक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं छात्रों की वर्षों पुरानी मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने श्रीचंद उदासीन (एसयू) कॉलेज, हिलसा के जर्जर छात्रावास (हॉस्टल) के पुनर्निर्माण, स्नातकोत्तर (पीजी) में नए विषयों की पढ़ाई शुरू कराने, बीएड पाठ्यक्रम की स्वीकृति देने तथा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग रखी।


प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हिलसा अनुमंडल के हजारों छात्र-छात्राओं को स्नातक के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पटना, बिहारशरीफ एवं अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए बाहर जाकर पढ़ाई करना काफी कठिन होता है। यदि एसयू कॉलेज में ही पीजी के विभिन्न विषयों एवं बीएड की पढ़ाई शुरू हो जाए तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी और उनका समय व आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे।


छात्र नेताओं ने मांग की कि कॉलेज में भौतिकी, रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री), वनस्पति विज्ञान (बॉटनी), प्राणी विज्ञान (जूलॉजी), हिन्दी, उर्दू, पाली, संस्कृत सहित अन्य प्रमुख विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू कराई जाए। साथ ही बीएड पाठ्यक्रम की भी स्वीकृति दी जाए, ताकि शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़े।


प्रतिनिधिमंडल में छात्र जदयू पूर्वी भाग, नालंदा के अध्यक्ष आशीष कुमार पटेल, धर्मपाल कुमार, रजनीश कुमार एवं राकेश कुमार शामिल थे। उन्होंने बताया कि एसयू कॉलेज का छात्रावास लगभग 30 वर्षों से जर्जर स्थिति में है। भवन की हालत खराब होने के कारण छात्रावास का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को रहने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रावास का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे गरीब एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।


प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय का गठन वर्ष 2018 में हुआ, लेकिन स्थापना के बाद से अब तक एक बार भी छात्रसंघ चुनाव आयोजित नहीं कराया गया है। छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की भी मांग की।


छात्र नेताओं ने कहा कि हिलसा जैसे शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के संसाधनों का विस्तार समय की आवश्यकता है। यदि कॉलेज में नए पाठ्यक्रम शुरू होते हैं और छात्रावास का पुनर्निर्माण कराया जाता है तो इसका लाभ न केवल हिलसा बल्कि पूरे नालंदा जिले के हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा।


पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षा से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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