जैवविविधता को लेकर बना सहमति पत्र
जैवविविधता को लेकर बना सहमति पत्र
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने जीव विविधता अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों में जीव विविधता की समझ और संरक्षण को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, 4 जुलाई 2025 को गंगा के मैदानी क्षेत्रीय केंद्र (जीपीआरसी), भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई), पटना और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई), पटना के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौता ज्ञापन पर डॉ. अनिल कुमार, वैज्ञानिक-ई और प्रभारी अधिकारी, गंगा समभूमि प्रादेशिक केंद्र ने डॉ. धृति बनर्जी, निदेशक, भारतीय प्राणि सर्वेक्षण और डॉ. अरविंद कुमार, निदेशक, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, पटना की ओर से हस्ताक्षर किए, जिसमें डॉ. एम. ई. हसन और डॉ. वी. एम. सतीश कुमार, गंगा समभूमि प्रादेशिक केंद्र पटना के वरिष्ठ वैज्ञानिक और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी साक्षी के रूप में उपस्थित रहे ।
इस साझेदारी का उद्देश्य क्षेत्र में अंतर्देशीय जलमार्गों की जीव विविधता पर केंद्रित सहयोगात्मक अनुसंधान, निगरानी और संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देना है, जिसमें विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आभ्रयणी और इसके आस-पास के जलीय पारिस्थितिकी तंत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
समझौता ज्ञापन जैव विविधता संरक्षण और जलीय आवासों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए दोनों संस्थानों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस सहयोग से नदी के जीवों, विशेष रूप से खतरे में पड़ी और स्थानिक प्रजातियों की पारिस्थितिक स्थिति के बारे में मूल्यवान वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि प्राप्त होने की उम्मीद है, जिससे राष्ट्रीय संरक्षण प्राथमिकताओं और नीति-निर्माण का समर्थन होगा।

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