टी.पी.एस. कॉलेज 'क्रिटिकल थिंकिंग कोर्स का समापन एवं सेल्फ डिफेन्स कैम्प का आयोजन


टी.पी.एस. कॉलेज  'क्रिटिकल थिंकिंग कोर्स का समापन एवं सेल्फ डिफेन्स कैम्प का आयोजन


यूथ एजेंडा की रिपोर्ट

टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में आयोजित “क्रिटिकल थिंकिंग एंड डिसीजन मेकिंग” विषयक सर्टिफिकेट कोर्स का समापन समारोह एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय में “सेल्फ डिफेन्स कैम्प” का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि तार्किक चिंतन, निर्णय क्षमता एवं आत्मरक्षा कौशल का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, सजग एवं सक्षम नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

सर्टिफिकेट कोर्स के सफल समापन पर प्रतिभागी विद्यार्थियों के बीच प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. नूपुर द्वारा अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया गया।

आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. रूपम ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में कौशल आधारित एवं व्यवहारिक शिक्षा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “क्रिटिकल थिंकिंग एंड डिसीजन मेकिंग” जैसे कोर्स विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण एवं व्यवहारिक निर्णय कौशल विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शशि भूषण चौधरी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में वही व्यक्ति सफल हो सकता है जो परिस्थितियों का सूक्ष्म विश्लेषण कर सही निर्णय लेने में सक्षम हो।

प्रो. अंजलि प्रसाद ने कहा कि आलोचनात्मक चिंतन विद्यार्थियों को स्वतंत्र एवं रचनात्मक सोच की ओर प्रेरित करता है।

डॉ. नूपुर ने कहा कि निर्णय क्षमता का विकास विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सामाजिक जीवन दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।

डॉ. विनय भूषण कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों में तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना शिक्षा का मूल उद्देश्य होना चाहिए।

इसके उपरांत आयोजित “सेल्फ डिफेन्स कैम्प” में छात्राओं एवं विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के विभिन्न व्यावहारिक उपायों एवं तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सजगता एवं सुरक्षा संबंधी जागरूकता विकसित करना था।

इस अवसर पर प्रो. शाइस्ता नूरी, डॉ. ज्योत्सना कुमारी, डॉ. उषा किरण, डॉ. शशि प्रभा दुबे, डॉ. देवारती घोष, डॉ. नूतन, डॉ. सानंदा सिन्हा, डॉ. ओंकार पासवान, डॉ. शशि शेखर सिंह, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. हंस कुमार सिंह, डॉ. चंद्रशेखर ठाकुर, डॉ. तरन्नुम एवं डॉ. इफत नसरीन सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।

साथ ही कार्यालय कर्मियों में मनोज कुमार सिंह, दीपक कुमार सिंह, जकी अहमद, वेंकटेश कुमार, अमन पटेल, अवनीत भूषण एवं चंदन कुमार के साथ छात्र प्रतिनिधि शिवम कुमार एवं नंदन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मीडिया समन्वयक डॉ. मुकुंद कुमार ने कार्यक्रम की जानकारी दी।

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