आधुनिक विज्ञान में डाटा ही शोध की नई शक्ति : प्रो. शांडिल्य
आधुनिक विज्ञान में डाटा ही शोध की नई शक्ति : प्रो. शांडिल्य
टी.पी.एस. कॉलेज में बायोइन्फॉर्मेटिक्स पर सर्टिफिकेट कोर्स सम्पन्न
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के वनस्पति विज्ञान विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सर्टिफिकेट कोर्स “फंडामेंटल्स ऑफ बायोइन्फॉर्मेटिक्स : टूल्स एंड टेक्नीक्स फॉर बायोलॉजिकल डाटा एनालिसिस” सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि वर्तमान समय में नीड बेस्ड और स्किल बेस्ड शिक्षा की आवश्यकता सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक डिग्री से रोजगार सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक कौशल से लैस करना होगा। उन्होंने कहा कि आज आधुनिक विज्ञान में डाटा ही शोध की नई शक्ति बन चुका है और बायोइन्फॉर्मेटिक्स ने शोध के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। बायोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को शोध, तकनीक और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सर्टिफिकेट कोर्स के कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. विनय भूषण कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक जैव-सूचना विज्ञान की तकनीकों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को एनसीबीआई, यूनिप्रोट, पीडीबी डाटाबेस, ब्लास्ट, क्लस्टल, मसल, मेगा तथा स्विस मॉडल जैसे महत्वपूर्ण बायोइन्फॉर्मेटिक्स टूल्स का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आज जैविक अनुसंधान में कम्प्यूटेशनल तकनीकों और डेटा विश्लेषण का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को शोध के नए आयामों से जोड़ते हैं तथा उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायता प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में डॉ. अभिनव चौहान एवं श्री अरविंद कुमार ने प्रतिभागियों को विभिन्न बायोइन्फॉर्मेटिक्स टूल्स एवं जैविक डाटा विश्लेषण की तकनीकी जानकारी प्रदान की। उन्होंने व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुक्रम विश्लेषण, मल्टीपल सीक्वेंस एलाइनमेंट, फाइलोजेनेटिक ट्री निर्माण, प्रोटीन संरचना पूर्वानुमान तथा मॉलिक्यूलर डॉकिंग की प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
मीडिया समन्वयक डॉ. मुकुंद कुमार ने कहा कि टी.पी.एस. कॉलेज लगातार कौशल आधारित एवं शोधपरक शिक्षा को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सर्टिफिकेट कोर्स विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस सर्टिफिकेट कोर्स में कुल 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें शोधार्थी एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी शामिल थे। सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।

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