शीर्षक: गंगापुर महादलित टोला की सड़क को मिली प्रशासनिक मंजूरी, युवाओं ने RTI से निकाला 'विकास का सच'*
*यूथ एजेंडा |
*हिलसा, नालंदा, से डॉ राजीव कुमार नयन की रिपोर्ट*
*शीर्षक: गंगापुर महादलित टोला की सड़क को मिली प्रशासनिक मंजूरी, युवाओं ने RTI से निकाला 'विकास का सच'*
*क्या है खबर?*
ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार ग्रामीण पथ विकास अभिकरण ने हिलसा-चिकसौरा मुख्य मार्ग से गंगापुर महादलित टोला तक पक्की सड़क बनाने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। यह जानकारी RTI के तहत 22 दिसंबर 2025 को जारी पत्र से सामने आई है।
*RTI की मुख्य बातें:*
1. *आवेदक*: उपेन्द्र प्रसाद सिंह, ग्राम-दसतुर पर, पोस्ट-चण्डी, नालंदा।
2. *मांग*: पेंदापुर पंचायत के महादलित टोला गंगापुर को ग्राम-पखनपुर होते हुए हिलसा-चिकसौरा मुख्य मार्ग से पक्की सड़क से जोड़ने की सूचना।
3. *जवाब*: लोक सूचना पदाधिकारी विनोद कुमार साह ने बताया कि विभागीय पत्रांक 2862 दिनांक 04.10.2025 द्वारा कार्य प्रमंडल हिलसा के अधीन क्रमांक-21 पर अंकित पथ हिलसा-चिकसौरा से गंगापुर के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
*यूथ एजेंडा: यह खबर युवाओं के लिए क्यों जरूरी है?*
**मुद्दा** **युवाओं पर सीधा असर**
**कनेक्टिविटी** गंगापुर, पखनपुर, पेंदापुर के युवा अब बरसात में भी बाइक से कॉलेज, कोचिंग, दनियावां बाजार जा सकेंगे। कीचड़ अब करियर की रुकावट नहीं बनेगा।
**रोजगार** सड़क बनने से दनियावां-हिलसा की मंडी तक सीधी पहुंच होगी। सब्जी, दूध, अनाज बेचने वाले युवा किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे। निर्माण के दौरान मजदूरी के अवसर भी बनेंगे।
**पलायन पर रोक** संपर्क सुविधा बढ़ने से गांव में ही स्वरोजगार, दुकान, डेयरी जैसे विकल्प खुलेंगे। पटना भागने की मजबूरी कम होगी।
**RTI की ताकत** उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने दिखाया कि युवा सूचना के अधिकार से 'विकास का सच' बाहर ला सकते हैं। यह हर पंचायत के युवाओं के लिए मॉडल है।
*अब आगे क्या?*
प्रशासनिक स्वीकृति पहला कदम है। इसके बाद तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया होगी। गंगापुर-पखनपुर के युवाओं की मांग है कि सरथुआ के ग्रीनटॉप ग्राउंड की तरह इस काम में भी तेजी दिखे। कागज से सड़क तक का सफर लंबा न हो।
*यूथ की आवाज*:
"सड़क सिर्फ गिट्टी-मिट्टी नहीं होती। यह सम्मान का रास्ता है। महादलित टोला मुख्य मार्ग से जुड़ेगा तो एंबुलेंस भी आएगी, बारात भी निकलेगी, और हमारे सपनों की गाड़ी भी दौड़ेगी।" — पेंदापुर के स्थानीय युवा
*बॉटमलाइन*: RTI से मिली यह जीत बताती है कि जागरूक युवा अगर सवाल पूछें, तो सरकार को जवाब और रास्ता, दोनों देना पड़ता है। गंगापुर की सड़क अब सिर्फ एक टोले की नहीं, पूरे यूथ एजेंडा की परीक्षा है।

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