*उद्देरस्थान बैराज के 6 गेट खोलने से दनियावां के नदियों में आई सामान्य जलप्रवाह*
*उद्देरस्थान बैराज के 6 गेट खोलने से दनियावां के नदियों में आई सामान्य जलप्रवाह*
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_लोकाईंन, महतमाईंन, भुतही, धोबा में जलधारा, हजारों किसानों को मिली सिंचाई की राहत
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कई लोकल छोटी मछलियों की भी आमद।
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डॉ0 राजीव नयन की🪴⛵⛵🦐🦐🐡🐡🐋🐟🐟🐟🦐🌧️🌧️🌻🌈🥭🥭🦈🦈यूथ एजेंडा के लिए रिपोर्ट
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*दनियावां(पटना) पिछले साल जुलाई 2025 में जहां नदियां लबालब भरी हुई थीं, वहीं इस बार 2026 में लगभग 1 महीने बाद जहानाबाद जिले के *उद्देरस्थान बैराज* से 6 गेट खोले जाने के बाद क्षेत्र की नदियों में बुधवार की रात्रि से फिर से जलराशि की धारा बहने लगी है।
बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद *लोकाईंन, महतमाईंन, वाहा, भुतही और धोबा* नदियों में पानी की आवक बढ़ गई है।
*किनारे बसे गांवों को लाभ*
महतमाईंन नदी के किनारे बसे गांव ऐरई,जीवनचक, गुलारियाबीघा, किश्मिरिया, चक्रंज्जा, काजीबीघा* जैसे गांव बसे हैं। वहीं *भुतही नदी* से *खरभैया पंचायत के सरथुआ, तोप, खरभैया, नियामतपुर, शोहपर* के किसानों को सिंचाई में सीधा फायदा मिलेगा। भूजलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों काफी खुश दिखे
इसके अलावा *सिंगरियावां, शाहजहांपुर, बांकीपुर-मछरियावां* के खेतों में भी पटवन की सुविधा बढ़ गई है। धान की खेती में पर्याप्त पानी मिलने से किसानों के चेहरे पर खुशी है।
*किसानों की प्रतिक्रिया*
*कृषि सुधार समिति, सरथुआ* के कोषाध्यक्ष *मुन्ना कुमार* (वर्तमान खरभैया पैक्स अध्यक्ष), *सामाजिक कार्यकर्ता *मंटू कुमार चंद्रवंशी,नागेंद्र पटेल और तोप गांव के *रणधीर कुमार,राजकमल ने बताया कि बैराज से पानी आने के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब भी परंपरागत जलस्रोत आहर,पईन,पोखर में पर्याप्त पानी न आने से किसान मघा नक्षत्र में अच्छी वर्षा और इंद्रदेव से मेघों की कामना कर रहे।
*मछली पालन और खान-पान पर असर*
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन नदियों में अभी कई देशी मछलियों का प्रजनन का समय है। पानी बढ़ने से मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही सावन के बाद भादो में इसे "सी-फूड" के रूप में खाने वालों की जायका भी बदलेगी। इन नदियों की मिट्टी लाल और सोंधी खुशबू भरी होती है जिससे टेंगरा, चेलक्कर, पताशी,बोआरी, पोठिया, झींगा या इचना,भकुरा, चारनक्वा व अरगी में एक ताजी फ्लेवर रहती है जो इसके जायके के लिए खानेवालों को अतिस्वादिष्ट लगती है।
किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की है कि आगे भी नदियों में पानी की नियमित आपूर्ति बनी रहे ताकि रबी और खरीफ दोनों फसलों को लाभ मिल सके।उधर सरथुआ के ही एक अन्य सामाजिक कार्यकर्ता विमलेश कुमार उर्फ अखिलेश सर् ने सिंचाई अभियंता प्रमुख को पत्र लिखकर भुतही नदी में स्विस गेट और बेरमा व एरेई के बीच नदी में नए ऊंचे वराज निर्माण की मांग की है।



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