भाकपा माले की इकाई खेग्रामस ने कई ज्वलंत मुद्दों पर सामुहिक भूख हड़ताल और सत्याग किया।*

 *भाकपा माले की इकाई खेग्रामस ने कई ज्वलंत मुद्दों पर  सामुहिक भूख हड़ताल और सत्याग किया।*



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*डॉ0 राजीव कुमार नयन की youth एजेंडा वलोग न्यूज़ चैनल के लिए टेपोर्टिंग*🇮🇳🇮🇳🇮🇳🚩🚩🇮🇳🇮🇳🇮🇳🚩🚩🚩🚩🌧️🌧️🌧️🌧️🪴🫐🌷🐟🐟

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 *हिलसा/एकंगरसराय।सभी भूमिहीन परिवारों को आवास के* लिए 5 डिसमिल जमीन वर्षों से बसे भूमिहीन गरीबों को पी पी एच एक्ट 1947 के तहत वासीगत पर्चा देने, राशन सूची में गरीबों के नाम की कटौती करने के खिलाफ, सभी गरीबों को राकैकई शन की व्यवस्था करने प्रवासी मजदूर की सुरक्षा और सम्मान कि गारंटी, बीबी राम जी कानून के तहत सभी गरीबों को 200 दिनों का काम और 500 रुपया दैनिक मजदूरी की मांग को लेकर अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा की ओर से स्वतंत्रता दिवस के पूर्व संध्या पर सामूहिक भूख हड़ताल ब सत्याग्रह एकंगरसराय  प्रखंड व अंचल  मुख्यालय पर किया गया इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर जिला कमिटी नालंदा के सदस्य महेंद्र रविदास और संचालन दिनेश रविदास ने किया।इस कार्यक्रम में सैकड़ो लोगों ने इस भुख हड़ताल के समर्थन में समर्थन देते हुए धरना पर बैठे। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्टेट ग्रामीण मजदूर सभा के जिला अध्यक्ष प्रमोद यादव ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार केंद्र और है 

 बिहार में सम्राट चौधरी का सरकार बनी है लगातार गरीबों पर कहर वरपा रही है बड़े पैमाने पर गरीबों के आशियाना को उजाडा गया और आगे भी उजाड़ने की तैयारी चल रही है जिसका खेत ग्रामीण मजदूर सभा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और इस बुलडोजर कि सरकार का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा आगे उन्होंने यह भी कहा यह सरकार कॉर्पोरेट की सरकार है अमीरों से यारी और गरीबों से लगातार गद्दारी करने का काम कर रही है जिसका नतीजा है कि केंद्र सरकार चार श्रम कोड में संशोधन करके गरीबों को फिर से श्रमिकों का अधिकार को समाप्त कर दिया है और कारपोरेट की गुलामी की ओर धकेल दिया है इसके खिलाफ दिल्ली से लेकर तमाम जगहों पर एक बहुत बड़ा आंदोलन चल रहा है और आगे भी चार श्रम संशोधन के खिलाफ किसान आंदोलन की तरह लड़ाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर सरकार को इस श्रम कोड संशोधन को वापस लेने को मजबूर किया जाएगा उन्होंने यह भी कहा बड़े पैमाने पर गरीबों का नाम राशन कार्ड से हटाया जा रहा है और मनरेगा जैसे कानून को जी रामजी कानून लाकर गरीबों के रोजगार के साथ मजाक बनाया गया है इन सारे मुद्दों को लेकर स्वतंत्रता दिवस के पूर्व संध्या पर जो यह दो दिवसीय कार्यक्रम लिया गया है यह सिर्फ एक झांकी है गरीबों के हक और अधिकार की लड़ाई को दिलाने के लिए अभी पूरा लड़ाई बाकी है उन्होंने मंच से आह्वान किया कि आज वक्त की मांग बन गई है कि चाहे केंद्र की सरकार हो या राज्य की सरकार इस मजदूर विरोधी किसान विरोधी सरकार को बिहार की और देश की तमाम मजदूर किसान एकजुट होकर इसका मुंहतोड़ जवाब देगी आने वाले दिनों में इसे सत्ता से उखाड़ फेंकेगी इस मौके पर चंद्रिका दास रामानंद दास बिंदेश्वरी शर्मा मुन्ना प्रसाद आदि लोगों ने भी इस सत्याग्रह और भूख आंदोलन को संबोधित किया।

🌸🌷🪴💞🇮🇳🚩🚩🌧️🇮🇳यह आलेख भाकपा माले के चिंतक मंडल हिलसा(नालंदा) के सदस्य दिनेश प्रसाद यादव ने दिया।

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