श्री अरविंद महिला कॉलेज, पटना में ‘विभाजन विभीषिका’ पर विचार-गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन

 श्री अरविंद महिला कॉलेज, पटना में ‘विभाजन विभीषिका’ पर विचार-गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन 


यूथ एजेंडा से नीलम की रिपोर्ट

पटना, 14 अगस्त 2026। इतिहास संकलन योजना, दक्षिण बिहार एवं श्री अरविंद महिला कॉलेज, पटना के संयुक्त तत्वावधान में आज श्री अरविंद महिला कॉलेज, पटना में ‘विभाजन विभीषिका’ विषय पर विचार-गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान घटित मानवीय त्रासदी, विस्थापन, सामाजिक पीड़ा एवं संघर्ष को ऐतिहासिक दृष्टि से समझने तथा नई पीढ़ी को इससे परिचित कराने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अरविंद महिला कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रेखा रानी ने की। उन्होंने विभाजन की पीड़ा को स्मरण करते हुए कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि उससे वर्तमान और भविष्य के लिए सीख लेना भी आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार ने विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके सामाजिक एवं मानवीय प्रभाव तथा उससे जुड़ी स्मृतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका को समझना राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदना को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

इस अवसर पर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता सह इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सचिव प्रो. राजीव रंजन ने अपने वक्तव्य में भारत विभाजन के दौरान आम लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन एवं सामाजिक परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभाजन की स्मृतियों को केवल एक राजनीतिक घटना के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवीय त्रासदी के रूप में समझने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से इतिहास के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों के गंभीर अध्ययन का आह्वान किया।

वहीं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं इतिहास संकलन योजना, दक्षिण बिहार के युवा इतिहासकार प्रमुख प्रो. मुकेश ने अपने संबोधन में विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों एवं उसके दूरगामी सामाजिक प्रभावों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इतिहास की पीड़ादायक घटनाओं को समझकर ही हम भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति को रोकने तथा समाज में आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

कार्यक्रम में श्री अरविंद महिला कॉलेज के इतिहास विभाग की प्राध्यापक डॉ. मधुलिका सिन्हा एवं प्रो. अंजली प्रसाद सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों, विस्थापन की पीड़ा तथा आम जनमानस पर पड़े प्रभावों को गंभीरता से समझने का प्रयास किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन श्री अरविंद महिला कॉलेज के इतिहास विभाग की छात्रा मुस्कान ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए अतिथियों एवं वक्ताओं का परिचय कराया तथा विभिन्न सत्रों का संचालन किया।

कार्यक्रम के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी में भारत विभाजन से संबंधित विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं, जन-विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष को चित्रों एवं ऐतिहासिक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने कहा कि ‘विभाजन विभीषिका’ जैसे विषयों पर विचार-विमर्श एवं प्रदर्शनी के माध्यम से इतिहास की विस्मृत एवं पीड़ादायक स्मृतियों को समाज के सामने लाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ।

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