टी.पी.एस. कॉलेज में सड़क सुरक्षा एवं फर्स्ट एड प्रशिक्षण सम्पन्न
टी.पी.एस. कॉलेज में सड़क सुरक्षा एवं फर्स्ट एड प्रशिक्षण सम्पन्न
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना, 07 अगस्त 2026। टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई एवं कम्युनिटी ट्रैफिक पुलिस, पटना के संयुक्त तत्वावधान में SAFAR (Safe Action for First Aid & Accident Response) अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं अस्पताल पूर्व चिकित्सा (First Aid) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. शांडिल्य ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद के शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि आम नागरिकों एवं विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार का सही ज्ञान हो तो अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा-भाव एवं व्यावहारिक कौशल के विकास पर विशेष बल देती है तथा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एन.एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. उमेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के नियमित उपयोग तथा दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सुरक्षित ढंग से प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रक्तस्राव रोकने, सीपीआर (CPR) की मूलभूत तकनीकों तथा आपातकालीन सेवाओं से समन्वय की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
इसी अवसर पर महाविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस–2026 का भी आयोजन किया गया। आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. रमन कुमार सिंह, सहायक आचार्य, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा ने "Chemistry Beyond the Test Tube: How AI is Redefining Chemical Science" विषय पर व्याख्यान देते हुए रसायन विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका, औषधि खोज, आणविक मॉडलिंग तथा आधुनिक अनुसंधान की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के वैज्ञानिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि विज्ञान का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि समाज और मानवता के कल्याण के लिए उसका उपयोग करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुसंधान, नवाचार, हरित प्रौद्योगिकी तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान किया। महाविद्यालय की आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. रूपम ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम का स्वागत डॉ. सुषोभन पालाधी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशि प्रभा दुबे ने किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों सहित प्रो. अंजलि प्रसाद, डॉ. विजय कुमार सिन्हा, डॉ. विनय भूषण कुमार, प्रो. कृष्णनन्दन प्रसाद, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. सानंदा सिन्हा, डॉ. ज्योत्स्ना कुमारी, डॉ. हंस कुमार सिंह, डॉ. रवि प्रभाकर, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. मुकुंद कुमार, डॉ. तरन्नुम नसीम, डॉ. सोनू प्रताप चौधरी, डॉ. शशि प्रभा दुबे, डॉ. देवारती घोष, डॉ. चंद्रशेखर ठाकुर, डॉ. उषा किरण, डॉ. नूतन कुमारी, डॉ. दीपिका शर्मा, डॉ. सुषोभन पालाधी, डॉ. इफ्त नसरीन, डॉ. ओंकार पासवान तथा डॉ. अश्विनी कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी डॉ. मुकुंद कुमार ने कार्यक्रम की जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें