समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ
समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा बिहार में महिला नेतृत्व आधारित आजीविका को मजबूत करने की दिशा में “समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान” का शुभारंभ आज पटना स्थित बापू सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार श्री सम्राट चौधरी ने अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत 5 लाख महिला लाभुकों को राशि का अंतरण किया गया। साथ ही जीविका निधि से 10,000 महिला लाभुकों को ऋण वितरण भी किया गया।
महिला सशक्तीकरण के साथ मानसिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित राजयोग प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा। इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 5,000 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्यों को राजयोग, सकारात्मक चिंतन, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, मानसिक शांति एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
राजयोग प्रशिक्षण का उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ मानसिक रूप से सशक्त, आत्मविश्वासी एवं सकारात्मक सोच वाला बनाने में सहयोग करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में तनाव प्रबंधन, एकाग्रता, आत्म-अनुशासन तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
MoU के माध्यम से नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा
इसी क्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं एवं समुदायों के बीच नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता तथा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार श्री श्रवण कुमार ने की। साथ ही माननीय मंत्री, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार श्री मदन सहनी उपस्थित रहे।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर
“समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान” के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उनकी आय एवं आजीविका के साधनों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिला लाभुकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें अपनी पसंद की आजीविका गतिविधि प्रारंभ करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं जीविका निधि से ऋण वितरण के माध्यम से महिलाओं को रोजगार एवं आयवर्धक गतिविधियों के विस्तार के लिए वित्तीय सहयोग मिलेगा।
आर्थिक सशक्तीकरण के साथ राजयोग प्रशिक्षण जैसी पहल महिलाओं के मानसिक, सामाजिक एवं व्यक्तिगत सशक्तीकरण को भी नई दिशा देगी। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा।
“समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह अभियान महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण कदम है।



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