जनता को न्याय जनता की भाषा में मिले*
*जनता को न्याय जनता की भाषा में मिले*
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना : संविधान चर्चा समिति बिहार के सौजन्य से संविधान चर्चा का आयोजन धर्मनाथ प्रसाद यादव पूर्व उपाध्यक्ष बिहार बार काउंसिल सह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति की अध्यक्षता में शताब्दी भवन परिसर ,एडवोकेट एसोसिएशन पटना उच्च न्यायालय मे की गई ।कार्यकम में "जनता को न्याय जनता की भाषा हिंदी में न्याय"दिलाने के लिए गहन विचार विमर्श हुआ।
मुख्य अतिथि पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डा० अशुमान ने अपने उद्बोधन में कहा हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए हिंदी में मुकदमा दाखिल करना पड़ेगा । किसी एक अधिवक्ता को हिंदी में आवेदन दाखिल करने से हिंदी आगे नहीं बढ़ेगा,हिंदी में आवेदन दाखिल करने वाले अधिवक्ताओं को इतना तैयार रहना पड़ेगा कि अगर किसी न्यापमूर्ति को हिंदी समझ नहीं आये तो तुरंत उसका अर्थअंग्रेजी में भी समझ सके। संविधान चर्चा में सैकड़ो अधिवक्ता की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता अजीत कुमार, नरेंद्र कुमार, प्रियंका कुमारी ,नीलम कुमारी आदि ने हिंदी में आवेदन दाखिल करने एवं हिंदी में तर्क रखने का शपथ लिए । अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सह संविधान चर्चा के मीडिया प्रभारी रणविजय सिंह ने शपथ दिलवाया साथ ही साथ हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करने वाले अधिवक्ताओं को सहयोग करने की अपील की । इस संकल्प सभा में सैकड़ो अधिवक्ता उपस्थित हुए । सभा में महामहिम राष्ट्रपति भारत का 27 अप्रैल 1960 का आदेश बंटा जो प्रावधानित करता है कि जब परिवर्तन का समय आ जाए, तब उच्चतम न्यायालय अपना सब कार्य हिंदी में करेंगे । जब कभी भी परिवर्तन का समय आ जाए, तब सब उच्च न्यायालय अपना सब कार्य हिंदी या उस राज्य की क्षेत्रीय भाषा में करेंगें।सभा में विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र कुमार यादव ,सदस्य हिंदी सलाहकार समिति ,भारत सरकार , योगेश चंद्र वर्मा वरीय अधिवक्ता सह सदस्य बिहार बार काउंसिल, उमाशंकर प्रसाद अध्यक्ष लायर्स एसोसिएशन, जयशंकर प्रसाद ,महासचिव एडवोकेट्स एसोसिएशन एवं संविधान चर्चा समिति के संयोजक सह पटना उच्च न्यायालय के स्थायी सलाहकार, हिन्दी विशेषज्ञ अधिवक्ता इंद्रदेव प्रसाद ने अपने विचार व्यक्त किये । सभा का संचालन सुनील कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन विनोद कुमार ने किया।

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