*एस यू कॉलेज में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की मांग को लेकर उबले छात्र*
*एस यू कॉलेज में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की मांग को लेकर उबले छात्र*
*29 जुलाई को कॉलेज में तालाबंदी, अब आरपार के मूड में छात्र संघ का शीर्ष नेतृत्व*
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यूथ एजेंडा से डॉ0 राजीव नयन की दनियावां से रिपोर्ट ! 🌷🌷🌸🌧️🥰🚩🚩🚩🚩🚩
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*दनियावां (पटना)* समीपवर्ती श्रीचंद उदासीन महाविद्यालय, हिलसा में स्नातकोत्तर यानी पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई शुरू करने की मांग को लेकर कॉलेज के सभी छात्र संगठनों ने एक साझा कार्यक्रम कर बीते सप्ताह से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन शुरू कर रखा है।
लेकिन पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक कोई समुचित कार्रवाई या आश्वासन नहीं मिलने से छात्र संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है।
*अब चरणबद्ध आंदोलन, शीर्ष नेतृत्व आरपार के मूड में*
इस संबंध में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पूर्वी प्रभाग के अध्यक्ष *आशीष कुमार* के साथ छात्र संघ से जुड़े *ऋषु पटेल, राकेश कुमार, साहिल राज, नीतीश कुमार एवं धर्मेंद्र यादव* ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि हमारी मांगों पर विचार न किए जाने के कारण अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा।
छात्र संघ का शीर्ष नेतृत्व अब सार्थक कार्रवाई की मांग कर रहा है क्योंकि अबतक केवल लेटलतीफी ही विश्विद्यालय द्वारा किये गए हैं।
छात्र संघ से जुड़े सदस्यों ने ऐलान किया कि पहले चरण में *बुधवार 29 जुलाई को एस यू कॉलेज हिलसा में तालाबंदी* की जाएगी और सभी तरह की गतिविधियों को ठप कर दिया जाएगा। इसकी सूचना मंगलवार को प्राचार्य प्रो0 शिवचंद्र सिंह और उनके कार्यालय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। जिसकी कॉपी हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष को भी भेजी गई है।
*दशकों पुरानी है मांग*
छात्र नेताओं ने कहा कि इस ग्रामीण अंचल के महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की मांग काफी पुरानी है। वर्तमान में कॉलेज में मात्र चार विषयों में ही पीजी की पढ़ाई होती है। जबकि छात्रों को साइंस, वाणिज्य और कला के अधिकांश विषयों में इसकी जरूरत है।
छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने कहा, " हिलसा में स्नातकोत्तर की स्टडी की शुरूआत जरूरी है।पीजी सेन्टर न होने से ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को पढ़ाई के लिए बिहारशरीफ या पटना जाना पड़ता है। इसमें समय और पैसे दोनों का काफी अपव्यय होता है। अगर एसयू कॉलेज में ही एमए/एमएससी की पढ़ाई शुरू हो जाए तो यह छात्र-छात्राओं के हित में बहुत बड़ा कदम होगा।"
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


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