टी.पी.एस. कॉलेज, पटना एवं यूथ ड्रीमर्स फाउंडेशन के मध्य एमओयू संपन्न
टी.पी.एस. कॉलेज, पटना एवं यूथ ड्रीमर्स फाउंडेशन के मध्य एमओयू संपन्न
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
पटना, 09 सितम्बर 2026।
विद्यार्थियों के कौशल विकास, करियर निर्माण एवं रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए टी.पी.एस. कॉलेज, पटना एवं यूथ ड्रीमर्स फाउंडेशन (YDF) के मध्य एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता महाविद्यालय के प्लेसमेंट सेल की पहल पर संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य तथा यूथ ड्रीमर्स फाउंडेशन के बिहार स्टेट हेड श्री कृष्णा सिंह ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में प्लेसमेंट सेल के समन्वयक डॉ. प्रशांत कुमार, सह-समन्वयक डॉ. सुशोभन पलाधी, डॉ मुकुंद कुमार, यूथ ड्रीमर्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री प्रणय मनोज उके सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
इस एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थाएँ संयुक्त रूप से विद्यार्थियों के लिए कैरियर रेडीनेस, डिजिटल एवं प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट, मेंटरिंग, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री एक्सपोज़र, लाइव प्रोजेक्ट्स, करियर मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट सहायता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का संचालन करेंगी। साथ ही महाविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ को सुदृढ़ करने, उद्योग-जगत से संस्थागत साझेदारी विकसित करने तथा विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए भी कार्य किया जाएगा।
अपने संबोधन में प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी कौशल का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, उद्योग जगत से संपर्क तथा बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस पहल के लिए प्लेसमेंट सेल एवं यूथ ड्रीमर्स फाउंडेशन की सराहना की।
डॉ. प्रशांत कुमार, समन्वयक, प्लेसमेंट सेल ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय का प्लेसमेंट सेल विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने और उन्हें उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
डॉ. सुशोभन पलाधी, सह-समन्वयक, प्लेसमेंट सेल ने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल रोजगारपरक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद, इंटर्नशिप एवं व्यावहारिक परियोजनाओं में सहभागिता का अवसर भी मिलेगा, जिससे उनके व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक दक्षताओं का विकास होगा।
महाविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, कुशल एवं रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा महाविद्यालय में एक सशक्त करियर एवं प्लेसमेंट इकोसिस्टम के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

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