साक्षरता सतत एवं समावेशी विकास की आधारशिला: प्रो. शांडिल्य
साक्षरता सतत एवं समावेशी विकास की आधारशिला: प्रो. शांडिल्य
यूय एजेंडा की रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर टी.पी.एस. कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम
पटना, 8 सितंबर 2026:
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 के अवसर पर टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा कौटिल्य सभागार में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की आधिकारिक थीम “Literacy for People, the Planet and Prosperity” निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने की क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जागरूकता, विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साक्षरता लोगों को सशक्त बनाने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने तथा सतत विकास एवं समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण, पर्यावरण संरक्षण तथा एक समावेशी एवं सतत भविष्य के निर्माण में करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं मंच-संचालन रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुशोवन पलाधी ने किया। उन्होंने प्राचार्य, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. शशि प्रभा दुबे के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे व्यक्ति के सशक्तीकरण तथा जागरूक एवं उत्तरदायी समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
इस अवसर पर इतिहास विभाग के डॉ. प्रशांत कुमार एवं रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. उमेश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने साक्षरता के सामाजिक, शैक्षणिक एवं विकासात्मक आयामों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और साक्षरता के महत्व, व्यक्तिगत विकास, सामाजिक जागरूकता, रोजगार के अवसर तथा राष्ट्र-निर्माण में इसकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शोध-पत्रिका ‘Natural Science Today’ का विमोचन रहा। इसे महाविद्यालय में शोध, ज्ञान के प्रसार एवं वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रवि प्रभाकर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. सोनू प्रताप चौधरी, डॉ. शशि शेखर कुमार सिंह, डॉ. मुकुंद कुमार, डॉ. दीपिका शर्मा, डॉ. चंद्रशेखर ठाकुर, डॉ. देबराती घोष, डॉ. सुनीता कुमारी तथा सहायक ई. रामनिवास सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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