दनियावां और हिलसा में हरितालिका तीज पर शिवकथा, जानिए क्यों पड़ा हरतालिका नाम*

 *दनियावां और हिलसा में हरितालिका तीज पर शिवकथा, जानिए क्यों पड़ा हरतालिका नाम*



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डॉ0 राजीव कुमार नयन की youth ajenda के लिए की गई रिपोर्टिंग

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*दनियावां / हिलसा (नालंदा) |* अखंड सुहाग के प्रतीक हरितालिका तीज और विघ्नहर्ता गणेश चतुर्थी का पावन पर्व सोमवार को दनियावां प्रखंड के 6 पंचायतों के 33 राजस्व गांवों में धूमधाम से मनाया गया।


*क्यों पड़ा हरतालिका नाम ? शिवकथा का विस्तार*


अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पटना जिलाध्यक्ष *पंडित रमाकांत शास्त्री* ने प्रवचन में हरतालिका की कथा का विस्तार से वर्णन किया।

उन्होंने बताया कि पर्वतराज हिमालय की पुत्री पार्वती ने बचपन से ही मन में भगवान शिव को पति के रूप में वरण कर लिया था और घोर तपस्या करने लगीं। जब हिमालय को इस बात का पता चला तो वे नाराज हो गए। वे अपनी पुत्री का विवाह भगवान विष्णु से कराना चाहते थे।

पिता के इस प्रस्ताव से पार्वती बहुत दुखी हुईं। तब उनकी सखियों ने उनकी सहायता की। सखियां पार्वती का *हरण* करके एक घने और सुनसान जंगल में ले गईं, जहाँ पिता उन्हें ढूंढ न सकें। इसलिए 'हरत' यानी हरण और 'आलिका' यानी सखी, दोनों शब्दों को मिलाकर इसका नाम *हरित + आलिका = हरतालिका* पड़ा।


वहाँ गुफा में पार्वती ने रेत के शिवलिंग बनाकर कठोर तप किया। उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से कुंवारी कन्याएं अच्छे वर के लिए और सुहागिन महिलाएं अखंड सुहाग के लिए यह व्रत करती हैं। इस व्रत को करने से स्त्रियों को अचल सुहाग की प्राप्ति होती है।


*शिवालयों में गूंजे जयकारे*


कथा के बाद शिवपुरी मंदिर सरथुआ, दुर्गा मंदिर प्रांगण के शिवालय, तोप, सिंगरियावां, थानेश्वर मंदिर दनियावां, शाहजहांपुर के राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी और सिंगरियावां बाजार के शिवालय में महिलाओं ने शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा की। मंदिरों में रात में प्रकाश और साउंड की भव्य व्यवस्था की गई थी।


*पत्रकार आवास पर पूजा*


हिलसा योगीपुर रोड रेलवे क्रॉसिंग से दक्षिण पत्रकार डॉ० राजीव कुमार नयन के आवास "लक्ष्मी निवास" पर नीतू कुमारी, सीमा कुमारी, पुष्पा, रविंद्र कुमार चंद्रवंशी, शिवानी सुमन, अमन आर्यन, अविरल नयन, परी व अन्य की मौजूदगी में गणपति बप्पा मोरया के जयकारे के साथ लड्डू, मोदक, फल-फूल से पूजा कर मंगल आरती की गई।

इस दौरान भोलेनाथ, माता पार्वती, मोदक प्रिय गणेश, भगवान विष्णु और मेघों के देवता इंद्र से अच्छी फसल की कामना की गई।

मौके पर वरीय अधिवक्ता उमाशंकर प्रसाद, सूरज कुमार, उमाशंकर महतो, अधिवक्ता दिलीप कुमार, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजीव कुमार, अरुण यादव, सतीश महतो, विनोद कुमार सहित 200 से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे।

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