ये प्राध्यापिकाएँ कर रहीं महाविद्यालय में खामोश क्रांति
ये प्राध्यापिकाएँ कर रहीं महाविद्यालय में खामोश क्रांति
----
डॉ0 संदीपा इंद्रा और डॉ0 पिंकी कुमारी ने श्रीचंद उदासीन महाविद्यालय, हिलसा में किया शैक्षणिक वातावरण में माहौल परिवर्तन
---
डॉ0 राजीव कुमार नयन की यूथ एजेंडा के लिए रिपोर्ट।
---
हिलसा/दनियावां!पौराणिक सूर्य मंदिर सरोवर के मनोरम परिदृश्य में रचेबसे श्री श्री 108 श्री विष्णु प्रकाश उदासीन उर्फ झक्कड़ बाबा द्वारा निर्मित श्रीचंद उदासीन महाविद्यालय(S. U.College, Hilsa, Nalnda) में काफी अर्से वाद दो प्राध्यापिकाएँ स्त्री सशक्तिकरण की प्रतीक डॉ0 संदीपा इंद्रा(HOD,रसायन शास्त्र) और डॉ0 पिंकी कुमारी(HOD)मनोविज्ञान विभाग अपनी कार्यशैली से कॉलेज में खामोश क्रांति कर रहीं।
*डॉ0 संदीपा इंद्रा*
----🌷🌷🌾🪴🌺🌺🐟🐟🐟🌺🌺🌸💞🪫📚🖋️
Blis कोऑर्डिनेटर डॉ0 इंद्रा मूल रूप से वेस्ट बंगाल की नादिया जिले से आती हैं।लेकिन कवि रविंद्रनाथ टैगोर और बंकिमचंद्र चटोपाध्याय की उर्वरा भूमि से आई ये महिला प्रोफेसर बिहार की संस्कृति और माहौल में रच बस गयीं हैं।इनके पति भी chemistry के रिसर्च वैज्ञानिक हैं।विज्ञान की प्राध्यापिका होने के बाबजूद इन्होंने अपने पुत्र लख्ते जिगर का नाम "साहित्य" रखा है।इनके भोलेनाथ ने मुझे मेरी नई आगामी कार की खरीदारी में टाटा नेक्सन में E-20 petrol के सोशल मीडया प्लेटफॉर्म पर चल रही भ्रांतियों को दूर कर दिया।डॉ0 इंद्रा महाविद्यालय में कुछ वैसी सक्षम तकनीकी हैंड हैं जो लैपटॉप पर विज्ञान से लेकर साहित्य तक में अपना कमाल का परफॉर्मेंस कर रहीं।इन्होंने हाल ही भारत में रसायनशास्त्र के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रॉय की जयंती पर महाविद्यालय में एक अनुशीलन और नवाचार के लिए बेहतर प्रोग्राम करवाया।उनकी प्राचीन भारतीय रसायन शास्त्र के इतिहास पर "A History of hindu chemistry" नामक प्रसिद्ध ग्रंथ लिखा था।डॉ0 संदीपा जहां पठन-पाठन का माहौल सूना-सूना है अपने मूल कर्तव्य छात्र-छात्रों को क्लासरूम में प्रेरित कर लाती हैं और अपने अध्ययन व अध्यापन की अभिरुचि को विस्तृत कर उन्हें पढ़ाती हैं।हमारे दनियावां या हिलसा के कोचिंग क्लासेज में भी मैं इनकी सेवा लेना चाहूंगा।जहां पैसे से ज्यादा ज्ञान की पूजा होती है।महाविद्यालय परिवार इनका बुद्ध और महावीर की धरती,ज्ञान की भूमि नालंदा पर हार्दिक अभिनंदन करती है।
🌺🌺🌺🌸🌸🪴🪴🪴🌧️🌧️🌧️🌧️🌧️🌧️🌧️🌧️
*डॉ0 पिंकी कुमारी*
---
डॉ0 पिंकी कुमारी विश्विद्यालय सेवा आयोग से चयनित मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका हैं।वे महाविद्यालय में शिक्षक संघ की अध्यक्ष हैं।पूर्व प्राचार्य डॉ0 अनिल कुमार सिंह ने टॉस कर उनका चुनाव किया था।क्योंकि शिक्षक संघ के चुनाव में हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ0 घनश्याम कुमार के साथ 6 वोट लाकर वह बराबरी पर रहीं थीं।अभी श्री घनश्याम उपाध्यक्ष हैं लेकिन तेवर और योग्यता में कभी-कभी अध्यक्ष पर भी भारी पड़ जाते हैं।हालांकि,अभी बिहार सरकार के काले कानून जिसमें विश्विद्यालय की स्वायत्तता खत्म करने का प्लान था,उस प्रोटेस्ट मार्च में वह भी सारे nonteching यूनिट के साथ प्रशासनिक भवन के समीप पीपल वृक्ष तले दरी पर बैठे।हिंदी के अध्य्यापक होने के कारण वे थोड़े ज्यादा ही संवेदनशील हैं।मनोविज्ञान की अध्यापिका डॉ0 पिंकी सबों से वेहतर समन्वय बना कर चलने में सक्षम हैं।
🪴🪴🪴🪴🌺🌾🌾💞🐟🌧️NSS के प्रोग्राम पदाधिकारी के रूप में पौधरोपण कर जल-जीवन-हरियाली को दिया बढ़ावा
---
डॉ0 पिंकी ने महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी हैं।पूर्व प्राचार्य डॉ0गजेंद्र प्रसाद गदकर,डॉ0 अनिल कुमार व प्रो0(डॉ0) शिवचंद्र सिंह के साथ उन्होंने अब तक सफाई अभियान, पौधरोपण और गरीबों और जरूरत मंदों के लिये पिछले सर्दियों में वस्त्रदान अभियान चलाकर गरीब-गुरबों की सेवा की।वे महाविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर भी कार्यक्रम कर सबको जानकारी देती हैं।इनके पिता व हमसफर ने इन्हें जीवनसंग्राम में वेहतर साथ देकर इनके हौसलों को बढ़ावा दिया है।इनका जीवन का कुछ हिस्सा घर-गृहस्थी के चूल्हे-चौके से निकलकर अध्ययन-अध्यापन तक आया।मेरी तरह ये भी veg, नॉनवेज,फ्रूट व मिठाइयों की शौकीन हैं।खास मौके पर स्वतंत्रता दिवस पर इनका परिधान भारतीय संस्कृति की साड़ी परंपरा से मेल खाता है।
फिलहाल, हम *युथ एजेंडा* न्यूज़ चैनल पर इन दोनों विदुषी महिलाओं का स्वागतं,अभिनंदन, वंदन व हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं कि आप नालंदा की इस धरती और बाबा विष्णु प्रकाश की इस सरस्वती के मंदिर की लंबी सेवा करें।🌧️🌧️🪴🪴🌾🌺📚📚🖋️🌹🌹💞💞🐟🐟☕🍧🍃🌈⛵🏕️🚩🚩🚩


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें