प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) विषय पर एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया
प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) विषय पर एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया
यूथ एजेंडा की रिपोर्ट
नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026:*
विश्व युवक केंद्र, बिलियन हार्ट्स बीटिंग और अपोलो फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में तथा एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी के सहयोग से 17 सितंबर 2026 को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) विषय पर एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों के बीच स्वास्थ्य एवं आपातकालीन देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें ऐसी परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए आवश्यक व्यावहारिक जानकारी, प्राथमिक उपचार कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना था। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि आपातकालीन स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं और सही समय पर उठाया गया एक उचित कदम किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) प्रसंजीत कुमार, माननीय कुलपति, एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी जानकारी और आपातकालीन परिस्थितियों में सही प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहते हुए अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री उदय शंकर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), विश्व युवा केंद्र ने युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर सही कदम उठाकर युवा किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को अधिक जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्व युवा केंद्र के उद्देश्यों एवं मिशन के बारे में भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और व्यावहारिक कौशल विकसित करना संस्था के प्रमुख प्रयासों में शामिल है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्राथमिक उपचार एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट का व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रदर्शन रहा। इस सत्र का संचालन डॉ. रवि सिरोही, एमबीबीएस, डीएनबी (जनरल सर्जरी), वरिष्ठ रेजिडेंट एवं जनरल सर्जन द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक प्रतिक्रिया, मरीज की स्थिति का प्रारंभिक आकलन, आवश्यक जीवनरक्षक उपायों तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न प्रक्रियाओं का हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल भी कराया गया, जिससे वे केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उसका व्यावहारिक उपयोग भी कर सकें।
सेमिनार के दौरान वर्ल्ड हार्ट मंथ अभियान के बारे में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। इस अवसर पर हृदय स्वास्थ्य, समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने और स्वास्थ्य के प्रति नियमित जागरूकता बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों के संबोधन के साथ-साथ प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। प्रश्नोत्तर सत्र (क्यू एंड ए) के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। प्रशिक्षण एवं सहभागिता के उपरांत प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समन्वय सुश्री मुक्ता भारद्वाज, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी, विश्व युवक केंद्र, प्रो. (डॉ.) शशांक अवस्थी, सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ साइंसेज, एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी तथा श्री मोहित चौहान, सीएसआर-कार्यकारी, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोगी भूमिका निभाने में डॉ. ज्योति चौधरी, निदेशक, स्कूल ऑफ साइंसेज, प्रो. (डॉ.) राजीव रतन, माननीय रजिस्ट्रार, श्री आनंद कुमार, वरिष्ठ अधिकारी – डिजिटल पहल, विश्व युवक केंद्र तथा सुश्री शिखा सिंह, कार्यक्रम सहयोगी, विश्व युवक केंद्र से शामिल रहे।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने यह दर्शाया कि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में स्वास्थ्य जागरूकता तथा आपातकालीन जीवनरक्षक कौशल को लेकर सकारात्मक रुचि है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को न केवल स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाते हैं, बल्कि उन्हें अपने परिवार, संस्थान और समुदाय में आवश्यकता के समय दूसरों की सहायता करने के लिए भी सक्षम बनाते हैं।
विश्व युवा केंद्र, बिलियन हार्ट्स बीटिंग फाउंडेशन, अपोलो फाउंडेशन और एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी की यह संयुक्त पहल स्वास्थ्य जागरूकता, आपातकालीन तैयारी और जीवनरक्षक कौशल को युवाओं तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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