अर्णव' के असर से दनियावां और हिलसा में भी तेज वारिश
'अर्णव' के असर से दनियावां और हिलसा में भी तेज वारिश
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धान की पक कर तैयार फसल को नुकसान
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दलहनी,तिलहनी व रबी फसलों की बुआई में होगी अब देरी
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डॉ0 राजीव नयन,Youth Agenda reporter.....!🌷🌷🌷🌷🌺🌺🌺⛈️⛈️🌾🌾🪴🪴🪴⛈️⛈️⛈️दनियावां/हिलसा।समुद्री चक्रवाती तूफान अर्णव के असर गुरुवार से पूरे पटना और नालंदा जिले में बभही दिख गया। कार्तिक मास में सावन-भादो की तरह गुरुवार को वरसात से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। सुबह से हो रही रुक-रुक कर वर्षा दोपहर और शाम में तेज बारिश में बदल गयी।तेज बारिश और पुरवा हवा से तापमान में गिरावट से मौसम में ठंडक ने भी दस्तक दे दी। आम जन अचानक से हुई वर्षा से बाजार से गायब दिखे।कई लोगों ने बताया कि स्वेटर, जैकेट और रजाई भी इस मौसम के प्रभाव से निकल जाएंगे। दनियावां,कराय-परसुराय और हिलसा प्रखंड के किसानों के खेत में पककर कटनी को तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है।दनियावां के 6 पंचायत में कुल 33 राजस्व ग्राम हैं।खेतों में कटनी किये हुए धान के बोझे के भींगने से उसे काला पड़ने और सड़ने की संभावना से कृषकों के सामने मुश्किलें आ गयी हैं।इस वर्षा से दलहनी, तिलहनी और रबी के फसलों की बुआई में भी अब देर होगी।क्योंकि खेतों में जुताई के लायक अब मिट्टी में नमी नहीं रही।नमी ज्यादा होने से खेत जोतने लायक न रहे।निचले इलाकों में खेत मे जलजमाव भी हो गया है।मौसमी साग,सब्जी के खेतों में इस वर्षा से पौधों और इसके फसल को कुछ फायदा होगा।वर्षा से दनियावां बाजार,हिलसा बाजार में काफी कीचड़ पसर गया।वहीँ, पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के तहत श्रीचंद उदासीन महाविद्यालय, हिलसा में 30 और 31 अक्टूबर को प्रस्तावित अंतर महाविद्यालय खो-खो खेल प्रतियोगिता को भी खेल मैदान में कीचड़ और जलजमाव के कारण रद्द कर दी गई है।अब यह छठ पर्व के बाद मौसम ठीक होने पर अब आयोजित होगी।कुल मिलाकर Cyclone 'अर्णव' के असर और अचानक हुई बारिश से ज्यादातर नुकसान ही हुआ है।

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