राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर ‘भारत के क्षेत्रीय व्यंजनों की प्रदर्शनी’ का सफल आयोजन
राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर ‘भारत के क्षेत्रीय व्यंजनों की प्रदर्शनी’ का सफल आयोजन
यूय एजेंडा की रिपोर्ट
पटना, 26 सितम्बर 2026:
गंगा देवी महिला महाविद्यालय, कंकड़बाग, पटना में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर शनिवार, 26 सितम्बर को गृह विज्ञान विभाग एवं न्यूट्रिशन क्लब द्वारा IQAC के तत्वावधान में “पारंपरिक खाद्य, स्वस्थ विकल्प – भारत की पोषण विविधता का उत्सव” विषय पर ‘भारत के क्षेत्रीय व्यंजनों की प्रदर्शनी’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की आयोजक डॉ. विद्या, वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक एवं संयोजक, न्यूट्रिशन क्लब रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. रोज़ी कुमारी द्वारा किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात डॉ. विद्या ने प्राचार्या प्रो. (डॉ.) श्यामा रॉय को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। प्राचार्या ने अपने संबोधन में पारंपरिक भारतीय भोजन के पोषण महत्व तथा स्वस्थ जीवनशैली में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्रदर्शनी में छात्राओं ने बिहार, बंगाल, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र एवं पूर्वोत्तर भारत सहित विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए। छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में अपने-अपने क्षेत्रीय व्यंजनों की उत्पत्ति, प्रमुख सामग्री, पोषण संबंधी विशेषताओं एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी प्रस्तुत की।
प्रदर्शनी का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें प्रो. (डॉ.) श्यामा रॉय, डॉ. बिमला चौधरी एवं डॉ. रचना जयसवाल शामिल रहीं। स्टॉलों का मूल्यांकन पोषण मूल्य, प्रामाणिकता, स्वच्छता, रचनात्मकता एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया गया।
पुरस्कार विजेता
- प्रथम पुरस्कार: गुजराती स्टॉल – निशा राज, गृह विज्ञान, स्नातक सेमेस्टर-I
- द्वितीय पुरस्कार: बंगाल स्टॉल – आनंदिता राज, प्राणीशास्त्र, स्नातक सेमेस्टर-III
- तृतीय पुरस्कार: बिहारी व्यंजन एवं बिहारी पिठ्ठा स्टॉल – सोनी छाया, गृह विज्ञान, स्नातक सेमेस्टर-V एवं सोनम कुमारी, गृह विज्ञान, स्नातक सेमेस्टर-I
- सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतीकरण: निशा राज, गृह विज्ञान, स्नातक सेमेस्टर-I, गुजराती स्टॉल
कार्यक्रम के अंत में विजेता एवं प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। गृह विज्ञान विभाग की सेमेस्टर-VII की छात्रा नंदिनी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सामूहिक छायाचित्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रॉक्टर डॉ. बिधु बाला, शिक्षकगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।
प्रदर्शनी के माध्यम से पारंपरिक खाद्य विरासत के संरक्षण, पोषण जागरूकता तथा स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।


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